Tuesday, October 14, 2008

jangalraj

शेर जंगल का राजा है
हर जगह बजता उसका बाजा है
हर जानवर को डर है शेर से
खा जाता है सबको जल्दी या देर से
फ़िर भी हर जानवर की यही मन्नत है
शेर बन जाओ तो हर जगह जन्नत है
बस यही बात जानवरों को मिलने नही देती
शेर की गद्दी को हिलने नही देती
एक शेर की जगह दूसरा आ जाता है
पर जानवरों को उसी तरह खाता है
शेर की सत्ता है सबको चुनौती
पर ताकत नहीं शेरो की बपौती
जान जानवर जिस दिन ये जायेंगे
बिन कुछ सोचे एक हो जायेंगे
तब ताबूत उठ जाएगा जंगलराज का
और आरंभ होगा रामराज्य का

Saturday, October 4, 2008

vigyapan

विज्ञापन की दुनिया में

सम्भव नही सत्य

व्यर्थ है हर साक्ष्य

क्योंकि हर दावे में है मानक परिस्थितियाँ

हर वादे में हैं शर्ते लागू

और जो कुछ अभी देखा है आपने

हो सकता है झूठ हो

क्योंकि अनुमान असंभव है इसका

कि क्या क्या हिस्सा नहीं था उस दृश्य का