शेर जंगल का राजा है
हर जगह बजता उसका बाजा है
हर जानवर को डर है शेर से
खा जाता है सबको जल्दी या देर से
फ़िर भी हर जानवर की यही मन्नत है
शेर बन जाओ तो हर जगह जन्नत है
बस यही बात जानवरों को मिलने नही देती
शेर की गद्दी को हिलने नही देती
एक शेर की जगह दूसरा आ जाता है
पर जानवरों को उसी तरह खाता है
शेर की सत्ता है सबको चुनौती
पर ताकत नहीं शेरो की बपौती
जान जानवर जिस दिन ये जायेंगे
बिन कुछ सोचे एक हो जायेंगे
तब ताबूत उठ जाएगा जंगलराज का
और आरंभ होगा रामराज्य का